Friday, 24 October 2014

नई पड़ोसन

नई पड़ोसन
जब से आई नई पड़ोसन, घरवाली बेहाल है
जब वो हमसे बात करे, यह क्रोध में होती लाल है
गोरी-गोरी हाय पड़ोसन, जब लेती अंगराई
चोरी-चोरी हम दरार से, देखा करते भाई
चोरी पकड़ी घरवलाली ने, अब ना गलती दाल है
जब वो हमसे बात करे, वो क्रोध में होती लाल है
एक दिन आई नई पड़ोसन, घरवाली से बतियाने
जाते-जाते कह गई हैंडसम, हमको भैया क्यों माने
ताव में आकर घरवाली ने, मुंडवाये सर के बाल है
अब ना देखे हमें पड़ोसन, घरवाली खुशहाल है


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