Saturday, 27 May 2017

पैटर्न .....और फिर हम फंस गये.

आजकल इतनी गर्मी रहती है कि ज्यादा चाय पीने का मन नहीं करता, इसलिए सारा जोर कोल्ड ड्रिंक पर रहता है. कोल्ड ड्रिंक के साथ आजकल मैं अपना मोस्ट फेवरेट सॉंग सुनता रहता हूं. Chris isaak की Cant fall in love with you. इस गाने का हर लाइन मुझे बहुत प्यारा लगता है. लेकिन ये गाना सुनने से पहले Somewhere over the Rainbow सुनता हूं. ये गाना अच्छा है, मगर उतना पसंद नहीं. लेकिन पहले यही गाना सुनने का एक पैटर्न बन चुका है. अगर cant fall in love with you पहले प्ले हो गया, तो मैं रोक देता हूं, और somewhere over.. पहले प्ले कर देता हूं. ये कुछ इस तरह से है, जैसे सुबह चाय पीने से पहले ब्रश करना या रात में खाना खाने के बाद ही सोना. इसे मैं स्किप नहीं कर पाता.
जीवन में हम पहली बार गलती से एक गलती करते हैं, और हम एक पैटर्न में बंध से जाते हैं. उस पैटर्न से निकलना मुश्किल नहीं होता, पर निकलने की जहमत कौन उठाए, ये सोचकर हम उसमें फंसे से रह जाते हैं. खरगोश और हाथी, जिसे हमने बचपन में कभी कहानी पढ़ते वक्त अपना साथी बना लिया होता है, वो हमारा साथ छोड़ जाते हैं, फिर हम एक जंगली कबूतर को अपना साथी कहना शुरू कर देते हैं. ये वाला हमारा नया साथी हमें अकसर छोड़कर उड़ जाता है और हम फिर किसी नये साथी की तलाश में उस बने बनाए पैटर्न में पिसते रहते हैं. जैसे अभी कुछ दिनों पहले तक चाय के बिना मैं रह नहीं पाता था, सोचता था मैं चाय नहीं पीयूंगा, तो शायद सुबह गीत नहीं गाएगी या सूरज को गुस्सा आ जाएगा. पर चाय की जगह अब कोल्ड ड्रिंक ने ले लिया और अब एक नया सा पैटर्न मुझे अपने में फांस चुका है. अब हर दिन कोल्ड ड्रिंक मुझे चाहिए होता है, और मैं उसे पीने से इनकार नहीं कर पाता.

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