Wednesday, 5 September 2018

जरा सुनिए तो....

मैंने कई दफे देखा है...कि ब्लॉग पर जो मैं लिखता हूं, उसे अमेरिका या जर्मनी के लोग पढ़ते हैं। मैं नहीं जानता, कि ये सच है या ब्लॉग ऑडिएंस में कुछ गलत दिखा जाता है..। पर मेरे इस ब्लॉग का पता कुछ ही लोगों को है, और मैं दावे के साथ कह सकता हूं, कि वो भी मेरे इस ब्लॉग को नहीं पढ़ते होंगे। पर pageview दिखाता है, कि ब्लॉग को हर दिन कुछ लोग पढ़ रहे हैं। अकसर जर्मनी और अमेरिका दिखाता है। अगर ये सच है, तो मैं उन दोस्तों से अनुरोध करूंगा..कि संशय मिटाएं..। अगर वो सही में पढ़ते हैं, तो jha.abhijat@gmail.com पर मुझे मेल जरूर करें।

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