दिन भर काम करने के बाद थका हुआ...बोझिल सा...दफ्तर में काम करने वाले अलग-अलग चेहरों को देख रहा हूं..। कोई हंस रहा है...कोई चुुप बैठा है...कोई किसी और से बात कर रहा है...। पर, किसी के चेहरे पर सुकून नहीं दिख रहा है..। अभी मेरे मन में सवाल उठ रहा है..कि हम क्यों करते हैं काम..। किसे खुश रखने के लिए कामों के साथ गुत्थमगुत्थी करते रहते हैं...। और अंत में सबसे हार मान लेते हैं..। न्यूजरूम को हम मछली बाजार कहते हैं...। यहां हर वक्त शोर मचा रहता है..। हर किसी के पास डेडलाइन...और उस डेडलाइन के बीच सब उलझे से रहते हैं..। हमारी जिंदगी ऐसी ही हो चली है...। हम लोग दिनभर कांग्रेस-बीजेपी करते रहते हैं...पर अंत में थकन कंधों पर उतर आती है...।
आज दिन में जीवन मिला...। वो एक दुकान पर अनमना सा खड़ा था। हमारी इनदिनों आपस में बन नहीं रही है..। हमने सोचा, क्यों ना जीवन से सुलह कर लिया जाए..। मैं सर झुकाए उसके सामने खड़ा हो गया...। उसने मुझे देखा...पर कुछ बात नहीं की..। मैं काफी देर तक उसके पास खड़ा रहा...और फिर बात करने की पहल मैंने ही की..। मैंने उससे कहा...जीवन, कैसे हो.. ? उसने अनमने अंदाज में ही कहा...ठीक हूं। और फिर वहां से जाने लगा....मैंने कहा...मुझसे बात नहीं करोगे..। उसने ना में सिर हिलाया...और चला गया..। मैं भी वहां से दफ्तर आ गया...।
अभी थोड़ी सी भूख लग रही है...पर खाने को मन नहीं कर रहा है..। ऐसा नहीं है, कि मैं किसी बात से दुखी हूं... पर मन नहीं लग रहा है...। ऐसा अकसर होता है मेरे साथ।... यह उबन है...। जो इस वक्त मेरे साथ बैठा है।.. पता नहीं कब तक बैठा रहेगा...।
आज दिन में जीवन मिला...। वो एक दुकान पर अनमना सा खड़ा था। हमारी इनदिनों आपस में बन नहीं रही है..। हमने सोचा, क्यों ना जीवन से सुलह कर लिया जाए..। मैं सर झुकाए उसके सामने खड़ा हो गया...। उसने मुझे देखा...पर कुछ बात नहीं की..। मैं काफी देर तक उसके पास खड़ा रहा...और फिर बात करने की पहल मैंने ही की..। मैंने उससे कहा...जीवन, कैसे हो.. ? उसने अनमने अंदाज में ही कहा...ठीक हूं। और फिर वहां से जाने लगा....मैंने कहा...मुझसे बात नहीं करोगे..। उसने ना में सिर हिलाया...और चला गया..। मैं भी वहां से दफ्तर आ गया...।
अभी थोड़ी सी भूख लग रही है...पर खाने को मन नहीं कर रहा है..। ऐसा नहीं है, कि मैं किसी बात से दुखी हूं... पर मन नहीं लग रहा है...। ऐसा अकसर होता है मेरे साथ।... यह उबन है...। जो इस वक्त मेरे साथ बैठा है।.. पता नहीं कब तक बैठा रहेगा...।
No comments:
Post a Comment