Friday, 18 May 2018

भूत होते हैं...

जब आप किसी समस्या से घिरे हों...और आपके बेहद नजदीक लोगों को उस समस्या के बारे में पता हो, तो अपने आपको बेवजह फोन करते रहते हैं। बिना बात के फोन करते हैं। और फिजूल की बातें करने लग जाते हैं। आप खिन्न होते हैं...असल, में आपके अपने बस ये जानना चाहते हैं, कि आप ठीक हैं या नहीं। आप किसी परेशानी में तो नहीं हैं। बस, इतना ही जानना चाहते हैं वो।

love you all....


कर्नाटक चुनाव के परिणाम आ रहे थे। सुबह काफी पहले उठ गया था। टीवी ऑन कर न्यूज देखने लगा। अंबेश ने चाय पिलाई। फिर मेड खाना बनाने लगी।...सुबह के करीब 10 बज गये थे। मेड खाना बनाकर चली गई थी। अंबेश भी ऑफिस चला गया था। मैं अब भी टीवी पर रिजल्ट देख रहा था। वक्त बीत रहा था । और दिन के 11 बज गये। मैं कुछ देर सो गया। दोपहर 12 बजे मैं सोकर उठ गया। और खाना खाने लगा। खाना खाने के बाद मैं वापस अपने बिस्तर पर था। सोचा, ऑफिस जाने से पहले कुछ देर सो लूं। मैं बिस्तर पर लेटे हुए मोबाइल पर कुछ तस्वीरों को निहारने लगा। और मेरी आंखे झपकने लगीं। तभी मैं महसूस करता हूं, कि मेरी पीठ पर बहुत ठंढी हवा लग रही है। मैंने सोचा, शायद दिल्ली में मौसम ने करवट बदली हो। अचानक, मैं महसूस करता हूं, कि किसी ने मेरे दोनों कंधे को जोर से पकड़ लिया हो। मैं पलटकर देखना चाहता था, कि किसने मुझे पकड़ा है। लेकिन, मैं पलट नहीं पा रहा था। मेरा पूरा शरीर...पत्थर की तरह सख्त हो चुका था। मैं महसूस कर पा रहा था, कि एक लड़की ने मुझे पीछे से मेरे कंधों को जोर से पकड़ लिया है। मैं उसकी गिरफ्त से छूटना चाह रहा था, पर खुद को छुड़ा नहीं पा रहा था। अचानक पीछे से आवाज आई....मैं तुम्हें छोड़ूंगी नहीं। तबतक मैं समझ चुका था, कि मुझे भूत ने पकड़ लिया है।

अभी ये लिखते वक्त...मेरे रोएं खड़े हो गये हैं, लेकिन, आप यकीन मानिए, उस वक्त मैं बिल्कुल भी डरा नहीं था। अमूमन लोग इस परिस्थिति में चिल्लाना शुरू कर देते हैं। लेकिन, मैंने धीरे से मोबाइल उठाया। सोचा, अबेश को फोन करूं। अगर कुछ बोल भी ना पाऊं, तो कम से कम चिल्ला तो दूं ही। जैसे ही मैने मोबाइल उठाया, लड़की की फिर से आवाज आई, अच्छा, मोबाइल से फोन करोगे। मोबाइल ऑन नहीं हो रहा था। ऐसा लग रहा था, मोबाइल स्वीच ऑफ हो गया हो। मैं समझ गया, कि मोबाइल काम नहीं करने वाला। अब तक वो कुछ और बोल चुकी थी, लेकिन, वो मुझे याद नहीं। मैंने जय मां दूर्गा...जय मां दूर्गा बोलना शुरू किया। जिसे सुनकर वो बोलती है, अच्छा, अब भगवान को बुलाओगे। मैं डरा अब भी नहीं था, लेकिन, मेरा खुद पर वश नहीं चल रहा था। अब मैंने जोर-जोर से जय हनुमान जी...जय हनुमान जी बोलना शुरू कर दिया।.. शायद, 1 मिनट और बीते होंगे..कि मैंने महसूस किया, कि उसके हाथों का दवाब कम हो रहा है। फिर मैंने पूरी ताकत के साथ दीवाल पर पैर टिकाया, और एक झटके से उठ गया। पीछे पलटकर देखा...तो कोई नहीं था। मैं अपने कमरे से निकलकर भगवान जी वाले कमरे में आ गया।

करीब 10 मिनट बाद मैं वापस कमरे में गया...तो मैं अच्छी तरह महसूस कर पा रहा था, कि वो अभी भी कुर्सी पर बैठी हुई है। मैं वापस भगवान जी वाले कमरे में चला गया। कुछ देर बाद वो जा चुकी थी। दिन के ठीक 12 बजकर 35 मिनट पर उस लड़की के भूत ने मुझे पकड़ा था।


मैं भूतों पर यकीन करता था...लेकिन, मुझे ये नहीं पता था, कि वो मेरे ऊपर भी हावी हो जाएगी। मैं डरा इसलिए नहीं...क्योंकि, मैंने भूतों को लेकर कई सारे शोज बनाए हैं। लास्ट वाले शो में पैरा नॉर्मल एक्सपर्ट राज से मिला। राज से भूतों को लेकर कई तरह की बातें हुईं।..और राज ने कहा था, कि सर, भूत आपको कुछ नहीं कर सकते, बस आप डरिएगा नहीं। जब उस लड़की की भूत ने मुझे पकड़ रखा था, उस वक्त मुझे राज की बातें याद आ रही थीं, और इसलिए मैं बिल्कुल भी डरा नहीं। हां, 2 बातें पक्की तौर पर मैं जान गया...भले आप यकीन करें, या ना करें...कि पहला...भूत होते हैं...और दूसरी बात...कि भगवान भी होते हैं...जो भूतों से बहुत ज्यादा शक्तिशाली हैं। मैं बिल्कुल ठीक हूं।...स्वस्थ हूं...हां, घर पर बताने के बाद से मां और पापा बहुत टेंशन में हैं। बार बार फोन कर हाल पूछते रहते हैं। अंबेश और राजन लगातार फोन करते रहते हैं। मेरी खैरियत पूछते रहते हैं। मैं उन्हें कहता हूं...dont worry.... मैं बिल्कुल ठीक हूं। भूतनी ही तो थी...पकड़ ली...तो पकड़ ली..। क्या हो गया।....








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