Wednesday, 16 August 2017

अतीत

अतीत मधुमक्खियों की तरह होती हैं. जब तक आप चल रहे होते हैं, वो आपके पीछे पड़ी रहती हैं, लेकिन जैसे ही आप कहीं ठहरते हैं, मधुमक्खियां आपको दबोच लेती हैं. रात एक ठहराव है. इसलिए मैं देर रात तक जागता रहता हूं. एक तरह से मैं मधुमक्खियों को झांसा देने की कोशिश करता रहता हूं. झूठ बोलकर मधुमक्खियों से पीछा छुड़ाने के क्रम में कहानियां लिखना शुरू कर देता हूं. मुझे प्रेम की झूठी कहानियां लिखना बेहद पसंद हैं. कहानी के नायक से देर तक संवाद चलता रहता है, और फिर अंत में मैं तरस खाकर नायक को नायिका से मिला देता हूं. 
असल जीवन में मेरी कहानी को बस एक झूठ या फरेब ही कहा जा सकता है.

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