क्या तुम्हारे पास बची है थोड़ी सी शराब या सिगरेट का आखिरी कश...थोड़ा दर्द या थोड़ी सी जिंदगी ? या जो तुम नहीं जानते, उसपर यकीन करने की हिम्मत है ? अगर तुम्हारा जवाब हां है, तो सुनो प्रेम की एक बेमिसाल रचना।
उंगलियों में सिगरेट फंसाए एक खाली पार्क में बेंच पर सर झुकाकर बैठा वो एक कहानी लिख रहा था। अंधेरी रात में सिर्फ आधे चांद की रोशनी बिखरी थी। वक्त के पास सिवाय खालीपन के कुछ नहीं था। वो महसूस रहा था, कि कहानी का एक टुकड़ा बेंच के खाली हिस्से पर पड़ा है, मगर वो उसे पढ़ नहीं सकता। बस, देख सकता है। उस कहानी का कोई शक्ल नहीं था, बस कुछ बिखड़े अक्षर थे, बेवजह के शब्द थे...और कोई उसे सिगरेट पीता हुआ देख रही थी। वो उन अक्षरों को...उन शब्दों को समेट कर अपने लैपटॉप में एक शक्ल उतार लेना चाहता था, जो उसे सिगरेट पीता हुआ देख रही थी।
क्या मैं भी तुम्हारे साथ सिगरेट पी सकती हूं?
एक लड़की काली साड़ी पहने उसके सामने खडी थी। उसके माथे पर एक लाल टीके की रेखा थी। और चेहरे पर चांदनी पसरी हुई थी। वो काफी ज्यादा लंबी थी। करीब 10 फीट लंबी।
वो आधी रात में एक अनजान एक हद से ज्यादा लंबी लड़की को देख हड़बड़ा सा गया। और फिर खुद को संभालते हुए पूछा ....
तुम कौन हो ? इतनी रात गये यहां इस खाली पार्क में क्या कर रही हो ?
मैं रात की देवी हूं। मैं रात होते ही जमीन पर उतर आती हूं। तुम यहां क्या कर रहे हो ? इससे पहले तो यहां कभी नहीं देखा ?
-मैं एक कहानी लिख रहा हूं। एक भष्मासुर की कहानी ।
-अच्छा। सिगरेट है तुम्हारे पास
- हां, ये लो
- तुम रात की देवी हो। देवी तो सिगरेट नहीं पीती।
- मुझे अपने लोगों ने त्याग दिया है। इसलिए हर रात जमीन पर भटकती रहती हूं। मुझे वही देख सकता, जिसे मैं चाहूंगी। तुम अकेले हो अभी, इसलिए तुम्हारे पास आई हूं।
कुछ देर खामोशी पसरी रही। फिर वो बोली......पहली बार सिगरेट पी रही हूं।
-क्या, त्याग दिया है...? मैं कुछ समझा नहीं। किसने त्यागा है ? कौन हो तुम ?
- दुनिया में कई ऐसे रहस्य हैं, जिसे हम नहीं जानते हैं। और जिसे हम नहीं जानते उसे हम झूठ मानकर नकार देते हैं। बकवास ठहरा देते हैं।
- देखो, मुझे डर लग रहा है। मैं तुम्हारी बातें नहीं समझ रहा हूं। देखो, मेरे रोएं...मेरे कान गर्म हो चुके हैं।
- डरो मत, मैं बुरी नहीं हूं। कुछ गलत नहीं होगा तुम्हारे साथ।
- तो तुम्हारी कहानी क्या है ? किसने त्यागा है तुम्हें ?
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- हमारी एक अलग दुनिया है। रात की दुनिया। हमारी दुनिया के लोग... तुम लोगों से काफी लंबे होते हैं। तुम मेरी लंबाई देख ही रहे हो।
-हां देख रहा हूं। काफी ज्यादा लंबी हो तुम। कहां है तुम्हारी दुनिया ?
- यहीं। धरती पर। हम अदृश्य रहते हैं।
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