Wednesday, 16 August 2017

हमशक्ल

कई बार हम मगन हो चलते रहते हैं, कि अचानक कोई हमें आवाज देकर रोकता है. शक्ल निहारता है. गौर से देखता है. और फिर हमें कहता है, आपको पहले कहीं देखा है. आपका नाम कहीं वो तो नहीं. ? हम मुस्कुराते हैं और कहते हैं, जी नहीं. मेरा नाम ये है. 
ये वाकया अकसर मेरे साथ होता है. कई मित्र अलग अलग शक्लों में मुझे मिला चुके हैं. कुछ मित्र लोकल रणवीर कपूर तो एक मित्र ने यहां तक कह दिया, कि अगर तुम्हारा गाल भर जाए तो सुधीर चौधरी का हमशक्ल लगोगे तुम. मैं मुस्कुरा कर रह जाता हूं.
कार वाला रूका और मुझे रोकते हुए कहा... भाई आप बिल्कुल मेरे एक दोस्त की तरह दिखते हैं. उसने अपने दोस्त की तस्वीर मुझे दिखाई. थोड़ा बहुत चेहरा वाकई मिलता था. वो हाथ मिलाकर, मुस्कुराकर चले गये. ऐसी घटना मेरे साथ कई बार हो चुकी है.
वाकई, हम कई शक्लों से मिलकर बने होते हैं.

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